राजयोग क्या है? आइये इसको थोड़ा समझें

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राजयोग

यम नियम का पालन करते हुए धारणा व ध्यान करना व शिवसंकल्प (शुभ संकल्प) द्वारा योगमार्ग पर बढ़ते हुए भगवान को जानने की यात्रा का नाम राजयोग है ।

राज अर्थात ज्योतिर्मय और योग से तात्पर्य यहा अनुभूति अथवा समाधि से है । अत: राजयोग का अर्थ ज्योतिर्मय आत्मा का साक्षIतकार करना या आत्मबोध कहलाता  है ।

राजयोग का ध्येय आत्म साक्षात्कार है तथा इसका साधन यम-नियमादि है तथा धारणा ध्यान सहयोगी हैं ।

केवलं राजयोगाय हठविद्योपदिश्यते ।

केवल राजयोग में प्रवेश के लिए ही हठयोग का उपदेश किया जाता है । तात्पर्य यह कि राजयोग प्रवेश के लिए हठयोग अनिवार्य है ।

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3 COMMENTS

  1. Bhut bhut dhanyavad gurudev apka, ki aap articles ke madhyam se hme apne ved- granth ka anmol gyan hmare liye laa rhe h apka bhut bhut dhanyavad.?

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