अभ्रक क्या है ? आयुर्वेद में प्रयोग होने वाली अभ्रक क्या है ? जानिये

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अभ्रक

अभ्रक (mica) एक खनिज है, खनिज यानि ऐसे पदार्थ जो खानों से खोदकर निकाले जाते हैं | अभ्रक आग्नेय पत्थर है मतलब ऐसा पत्थर जो धरती के अन्दर खौलने वाले आग के मैग्मा और लावा के ठंडा होकर जमने से बनता है | जैसे जमीन में चूना, नमक, बाक्साईट (जिससे अल्युमिनियम बनता है ), कोयला, लोहा की खाने होती हैं वैसे ही अभ्रक भी खान से खोद कर निकाला जाता है |

abhrak mining in india

रासायनिक तौर पर यह एक जटिल सिलिकेट यौगिक है | जिस पर अम्लों (एसिड्स) का कोई असर नहीं होता | सिलिकेट (Silicate) यौगिक (कम्पाउंड) से मेरा मतलब है रासायनिक यौगिकों (कम्पाउंड) की ऐसी श्रेणी जिसमे ऋणात्मक (नेगेटिव चार्जड आयन) हों | और यौगिक से मेरा मतलब दो या दो से अधिक तत्व जब एक साथ जुड़ कर जो पदार्थ बनाएं उसे रासायनिक यौगिक (Chemical compound) कहते हैं | उदाहरण के लिए नमक (Na+Cl = NaCl) |

अभ्रक कायांतरित चट्टानों में परत के रूप में पाया जाता है | यह हल्के पीले, हरे या काले रंग का होता है | कायांतरित चट्टानों से मेरा मतलब ऐसी चट्टानें है जिनका अधिक तापमान और अधिक दबाब के कारण रूप बदल जाए | ऐसा अधिक तापमान और दबाब तो धरती के अन्दर ही मिलना संभव है | पहाड़ों की गहराइयों में ये दबाव मिलता है |पूरी दुनिया की जरुरत का 80 % अभ्रक भारत में ही मिलता है | भारत के इलावा ब्राजील, साऊथ अफ्रीका जैसे कुछ इलाकों से भी ये प्राप्त होता है | भारत में आंध्र प्रदेश अभ्रक उत्पादन के मामले में सबसे आगे है और राजस्थान दूसरे स्थान पर है | बिहार में लाल (रूबी) अभ्रक प्राप्त होता है | जैसे कि आप जानते है लोहा विधुत का संचालक होता है और लोहे से बिजली का प्रवाह आसानी से होता है  लेकिन अभ्रक इससे उल्टा है अभ्रक विधुत का कुचालक है इसी कारण से इसका प्रयोग बिजली के बहुत सारे उपकरणों जैसे कंडेंसर, टेलीफोन, कंप्यूटर आदि में होता है | आयुर्वेद में इसका प्रयोग दवा के रूप में इसे आग में पका कर भस्म बना कर किया जाता है जो कि वात, पित्त व कफ़ तीनों रोगों में काम आती है |

abhrak Mica extractrd from mines

अभ्रक भस्म के आयुर्वेदिक प्रयोग जानने के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें 

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